The Adult King

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रेहान अभी भी नंगा ही बैठा था, उसका लौड़ा सो गया था। उसको तो बस अन्ना का राज जानना था ।
रेहान- मुझे इतना तो पता है कुछ तो उसने गलत किया, पर आदमी की फ़ितरत ही ऐसी होती है कि उसको पूरी बात जानने की खुजली होती है। अब बता भी दे ना.. क्या बात है…?
जूही उसके लंड पर हाथ रख कर सहलाती हुई बोलती है ।
जूही- सही कहा आपने, ये चूत की खुजली होती ही ऐसी है कि आदमी से क्या से क्या करवा देती है ।
रेहान- अरे यार मैं अपने दिमाग़ की बात कर रहा हूँ तू चूत की खुजली को लेके बैठी है ।
जूही- आप समझे नहीं मैं आपको वो ही बता रही हूँ आप बात को समझे नहीं…!
रेहान- अरे साली ये लौड़े को छेड़ना बन्द कर अभी खड़ा हो जाएगा तो बात बीच में अधूरी रह जाएगी ।
जूही- ओके बाबा नहीं हाथ लगाती, आप अन्ना की बात सुनो कि कैसे वो मुझसे डरता है ।
रेहान- ओके… बता तू ।
जूही- रेहान जी मैं आपको शुरू से बताती हूँ हमारा फ्रेंड-ग्रुप है जिसमें मेरे खास फ्रेंड का आपको नाम बताती हूँ। सबसे बेस्ट फ्रेंड टीना उम्र 18.. उसके विसल, स्वाती, रागिनी, राजू, आशा, और मैं… हम सब अच्छे घरों से हैं और थोड़े बिगड़े हुए भी… हमको बाहर वाइन, सिगरेट इन सब की लत लग गई, तो हम अक्सर पार्टी करते हैं और खूब एन्जॉय करते हैं। सेक्स के बारे मैं हमने कभी सोचा नहीं, हाँ कई बार स्वीमिंग के समय सब लड़कियां ब्रा-पैन्टी में और लड़के चड्डी में होते, तो सेक्सी कमेंट्स पास कर देते थे। राजू कभी-कभी हम लड़कियों के मम्मों को टच करता था, बस इससे ज़्यादा कुछ नहीं…!
रेहान- गुड ये तो तुम सब दोस्तों की बात हुई अन्ना का रोल बताओ इस कहानी में ।
जूही- आप सुनो तो, हम सब किसी ऐसी जगह पार्टी करते हैं जहाँ कोई ना हो, इसलिए कभी किसी दोस्त के यहाँ तो कभी किसी के यहाँ..! ऐसे ही एक शाम हम सब टीना के फार्म पर गए पार्टी करने। हम लोगों ने एक-एक राउंड बाहर का लगा कर स्वीमिंग करने का सोचा और सब एक साथ वहाँ नहाने चले गए ।
उस दिन राजू और साहिल नहीं आए थे। बस हम लड़कियां ही थीं। सो हम हंसी-मजाक में लग गए। इसी बीच आशा ने मेरी ब्रा निकाल दी मैं उसको मारने उसके पीछे भागी। तभी दो आदमी मेन-गेट से अन्दर आ गए। जिनमें एक अन्ना था। दोस्तों ऐसे जूही के मुँह से सुनकर मज़ा नहीं आ रहा हो, तो चलो हम उस दिन क्या हुआ वहीं चलते हैं तो ज़्यादा मज़ा आएगा ।
अन्ना और उसका दोस्त अन्दर आ जाते हैं। उनकी नज़र आशा और जूही पर जाती है। जूही का गोरा बदन पानी से भीगा हुआ देख कर दोनों के लौड़े तन जाते हैं और ऊपर से जूही सिर्फ़ पैन्टी मेंथी उसके बड़े-बड़े मम्मे उनका ईमान खराब करने के लिए काफ़ी थे। उनको देखते ही जूही ज़ोर से चिल्ला कर वहाँ से भाग जाती है। आशा भी उसके पीछे-पीछे भाग जाती है ।
टीना- अरे क्या हुआ ऐसे चिल्ला कर क्यों भागी तुम दोनों…!
आशा- वो वो वहाँ कोई दो आदमी आ रहे हैं..!
टीना- ओह माय गॉड शायद पापा होंगे चलो सब जल्दी से अन्दर.. कपड़े पहनो नहीं तो आज खैर नहीं हमारी…!
सब भाग कर अन्दर चली जाती हैं। अन्ना को दूर से सब दिख जाती हैं ।
अन्ना- अईयो नीलेश… ये क्या जी ये सब छोकरी पागल होना जी.. कैसे आधा नंगा होकर नहाना जी..!
नीलेश- बच्चियां हैं अन्ना भाई, इनको क्या पता हम आ जाएँगे, चलो अब अन्दर सबने कपड़े पहन लिए होंगे…!
रेहान- चुप क्यों हो गई आगे बोलो क्या हुआ ।
जूही- हा हा हा आपके लौड़े को देख रही हूँ बात सुन कर कैसे अकड़ रहा है। कहो तो पहले ठंडा कर दूँ, उसके बाद बता दूँगी आगे की बात…!
रेहान- नहीं, इसको आदत है ऐसी बातों से कड़क होने की… तू पूरी बात बता…!
जूही- ओके बाबा बताती हूँ, हम सब वहाँ से सीधे रूम में चले गए। मैं आपको बता दूँ, वैसे तो ये अपने मुँह अपनी तारीफ होगी, मगर हमारे ग्रुप में सबसे सुंदर मैं ही हूँ और हॉट एंड सेक्सी भी पार्टी के समय हमारा ड्रेस कोड होता है। कभी क्या कभी क्या… उस दिन सबने येल्लो टॉप और पिंक स्कर्ट पहना था। बस मैं सबसे हटके थी, तो मैंने ऊपर से ब्लू-जैकेट भी डाला हुआ था ।
रेहान- हम्म ये बात तो पक्की है कि तुम हो बड़ी झक्कास आइटम… उसके बाद क्या हुआ…?
जूही- ओके, अब बीच में मत बोलना, बस सुनते रहो…!
जूही बताना शुरू करती है कि आगे क्या हुआ तो चलो दोस्तों हम भी सीधे वहीं चलते है ।
अन्ना- टीना कहाँ हो, बाहर आओ बेबी…!
टीना और सब डरते-डरते रूम के बाहर आए, उनसे एक गलती हो गई थी। वाइन और बियर जिस कार्टून में थीं, वो बाहर हॉल में ही रखा हुआ था और शायद अन्ना और उसके दोस्त ने सब देख लिया था ।
टीना- जी अप्पा, आप कैसे आ गए यहाँ…!
अन्ना- हमको पता चला तुम अपनी फ्रेंड के साथ इधर होना, गणेश ने फ़ोन पर बताया कि सब नौकर को तुम छुट्टी दिया इसलिए हम देखने आया कि तुम इधर क्या करता ?
टीना- सॉरी अप्पा, हम बस स्वीमिंग कर रहे थे…!
अन्ना- ये कोई तरीका होना..! सब लड़कियाँ अकेली हो, नौकर तो रखना चाहिए ना.. तुम लोगों का सेफ्टी के लिए…!
नीलेश- अरे जाने दो, अन्ना बच्चे हैं मस्ती मजाक कर रहे हैं चलो हमारा यहाँ क्या काम..!
नीलेश बोलते समय बस जूही को घूर रहा था। हालाँकि जूही ने कपड़े पहने थे, मगर उसे अब भी उसके मम्मों नंगे ही दिख रहे थे। उसकी पैन्ट का उभार साफ बता रहा था कि उसके मन में क्या है ।
जूही- हाँ अंकल सॉरी हमें ऐसे नहीं करना चाहिए था ।
जूही के बोलते ही नीलेश जल्दी से आगे बढ़ा और उसके पास जाकर उसके कंधे पर हाथ रख दिया ।
नीलेश- अरे नहीं तुम लोग डरो मत, एन्जॉय करो… हम जाते हैं बस ये बताओ कब तक यहाँ रुकोगे…!
टीना- वो हम सोच रहे थे, आज रात यहीं रहेंगे सुबह चले जाएँगे ।
अन्ना- ओह बेबी, तुम सब बहुत छोटा होना जी कोई सेफ्टी नहीं.. इधर पार्टी के बाद सब घर जाओ, यहाँ ठीक नहीं बाबा…!
नीलेश- अरे अन्ना जी आप भी ऐसे ही डरते हो.. घर में कैसा डर… चलो यहाँ से, इनको मज़ा करने दो… ओके बच्चों कोई बात नहीं मज़े करो सब.. चलो अन्ना हम भी चलते हैं ।
दोस्तों नीलेश बात के दौरान अपना हाथ जूही के कंधे से नीचे ले आया था। उसकी ऊँगलियाँ मम्मों को टच कर रही थीं। जाते-जाते भी उसने मम्मों को हल्का सा दबा दिया ।
रेहान- साला हरामी.. तुमने कुछ कहा नहीं, उसको जब उसने तेरे मम्मों को टच किया ?
जूही- ओहो रेहान जी उस समय मैंने इतना ध्यान नहीं दिया और इतनी तो पागल मैं भी नहीं हूँ समझ तो सब आ रहा था मुझे, पर उसने मुझे बिना ब्रा के देखा था। मेरी उससे नजरें मिलाने की हिम्मत नहीं हो रही थी और वैसे भी वो वहाँ से जल्दी चले गए थे । रेहान का लौड़ा झटके खाने लगा था। उसको कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था ।
जूही- हा हा हा आप क्यों परेशान हो रहे हो, मेरी बातें आपको सेक्सी लग रही हैं क्या? देखो तो कैसे लौड़ा झटके मार रहा है…!
रेहान- हाँ साली एक तो नंगी इसके सामने बैठी है और ऊपर से ऐसी बातें मेरी उत्तेजना बढ़ा रही है, चल घोड़ी बन जा पहले इसको ठंडा करता हूँ, बाद में तेरी कहानी सुनूँगा ।
जूही- बन जाऊँगी मेरे रोनू… पहले मुझे इसको चूसने तो दो… कैसी बूँदें झलक रही हैं… इसका स्वाद तो लेने दो…!
रेहान- लेले साली तेरा ही तो है… आजा चूस.. नीचे बैठ जा मैं ऐसे ही बेड पर बैठा रहूँगा…!
जूही झट से रेहान के पैरों के पास बैठ कर लौड़े पर जीभ घुमाने लगती है ।
रेहान- उफ्फ साली क्या गर्म होंठ है तेरे… मज़ा आ गया, पता नहीं तेरे बाप ने क्या खाकर तेरी माँ को चोदा होगा, जो ऐसी हॉट आइटम पैदा हुई…!
जूही कुछ ना बोली बस आँखों से इशारा कर दिया, जैसे उसको हँसी आ रही हो और वो लौड़े को चूसने लगी ।
रेहान- आ..हह.. चूस साली उफ्फ चूस इतने सालों में कभी इस लौड़े ने इतने मज़े नहीं किए, जितने इन कुछ दिनों में कर लिए कककक आ काट मत रंडी…
आराम से पूरा मुँह में ले.. उफ्फ हाँ ऐसे उफ्फ होंठों को टाइट करके अन्दर-बाहर कर… मज़ा आ रहा है आ..हह.. उफ़फ्फ़ ऐसा लग रहा है जैसे चूत चोद रहा हूँ उफ्फ…!
दस मिनट तक जूही लौड़े को चूस-चूस कर मज़ा लेती रही, अब उसका मुँह दुखने लगा था, तो उसने मुँह हटा लिया ।
रेहान- थक गई क्या… मेरी जान, आजा मेरी गोद में बैठ जा.. आज तुझे नई स्टाइल से चोदता हूँ..!
जूही दोनों पैर रेहान के साइड से निकाल कर बैठ जाती है। रेहान अपने हाथ से लौड़ा पकड़ कर चूत पर सैट कर देता है, जैसे ही जूही बैठी, लौड़ा चूत में घुस जाता है ।
जूही- ओई उफफफ्फ़…!
रेहान- साली इतनी बार चुद चुकी है, अब भी उई उई कर रही है…!
जूही- आ..हह.. क्या करूँ मैं कौन सा रोज चुदती हूँ? कल रात से लेकर अब तक चुदाई तो बहुत हो गई, पर चूत सूज कर ‘बड़ा-पाव’ बन गई है और आपका लौड़ा कोई मामूली तो है नहीं, घोड़े जैसा मोटा है दर्द तो होता ही है ।
रेहान नीचे से झटके मारने लगता है जूही को दर्द के साथ-साथ मज़ा भी आ रहा था, वो भी लौड़े पर उछल रही थी और रेहान ने उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया था। रूम में बड़ा ही रोमांच पैदा हो रहा था। दस मिनट तक रेहान गोद में बैठा कर जूही को चोदता रहा। उसकी जांघें दुखने लगीं, तब उसने जूही को बेड पर लेटा दिया और कंधे पे पैर डालकर चोदने लगा ।
जूही- आ आ..हह.. उफ्फ रोनू तेज और तेज आ..हह.. मेरा पानी निकलने वाला है ओई उ उफ्फ मई गईई…!
रेहान पहले से ही उत्तेज़ित था, इतनी देर की लंड चुसाई और चूत चुदाई के बाद उसका पानी बस निकालने ही वाला था कि जूही ने उसकी उत्तेजना और बढ़ा दी ।
वो धका-धक लौड़ा पेलने लगा और दोनों एक साथ झड़ गए। काफ़ी देर तक रेहान उसके ऊपर पड़ा हांफता रहा ।
दोस्तों इनको थोड़ा आराम करने दो, चलो हम राहुल और आरोही को देख आते है कि वो अब तक घर पहुँचे या नहीं…!
दोनों घर पहुँच गए थे और रूम में बैठे बात कर रहे थे ।
राहुल- बहुत थकान हो रही है आज, तो वैसे आरोही तुमने क्या सोचा है, अब क्या करना है…!
आरोही- क..क्या करना से तुम्हारा क्या मतलब है… थके हुए हो, फिर भी चुदाई से मन नहीं भरा क्या…!
राहुल- ओह अरे नहीं रे, आप समझी नहीं, मेरे कहने का मतलब है कि रेहान ने जो इतना बड़ा गेम खेला है, उसको जवाब तो देना पड़ेगा ना…!
आरोही- चुप रहो राहुल, इतना सब होने के बाद भी तुमको समझ नहीं आया क्या..! मैंने जो किया उसका मुझे पछतावा है और रेहान ने जो किया वो तो आप भी चाहते थे ।
राहुल- अरे मेरे पर इल्जाम क्यों लगा रही हो? मैंने क्या किया..? मैं क्या चाहता था… हाँ..!
आरोही- शर्म करो भाई, थोड़ी तो शर्म करो… मान लो रेहान बदला नहीं लेना चाहता था, सिम्मी की बात को एक तरफ रख दो, उसके बाद सोचो आपने ही रेहान के साथ प्लान किया था ना.. कि मुझे फिल्म का झांसा देकर आप मुझे चोदना चाहते थे और रेहान को किसने कहा था कि तुम भी चूत का स्वाद चख लेना…!
राहुल- व..व्व..वो तो बस तुम हाँ.. इसमें तुम्हारी ही ग़लती है, पता है घर में जवान भाई है और तुम इतने सेक्सी कपड़े पहनती थी, खेल में मेरा लौड़ा टच करती थी… तुम खुद चुदना चाहती थी या आसान शब्दों में कहूँ तो तुम अपनी चूत की प्यास मिटाना चाहती थीं..!
आरोही- अब बस भी करो, इस ज़िद-बहस का कोई फायदा नहीं है। तुम चोदना चाहते थे और मैं चुदाना… तो रेहान ने क्या गलत कर दिया..! अब बस सब भूल जाओ, आज के बाद सब मिलकर प्यार से चुदाई करेंगे…!
राहुल- ओके मान जाता हूँ, पर उस साले सचिन और अन्ना की कौन सी बहन थी सिम्मी, उन लोगों ने फ्री में मज़े लिए। उनसे तो बदला लूँगा मैं और हाँ जूही के पास कुछ तो राज़ है अन्ना का, तभी साला चुपचाप चला गया, वरना हरामी वो जूही के भी मज़े लेता ।
आरोही- अच्छा बाबा ले लेना बदला, पर सिर्फ़ उनके घर की किसी लड़की को चोद कर… बस इससे ज़्यादा कुछ नहीं ओके…!
राहुल- ओके बहना… अच्छा मैं बाथरूम जाकर आता हूँ.. पापा का फ़ोन आए तो आवाज़ देना…!
आरोही- अच्छा ठीक है जाओ…!
राहुल बाथरूम चला जाता है और आरोही वहीं बेड पर बैठी सुसताने लगती है ।
राहुल के बाथरूम जाने के बाद आरोही वहीं बैठी सुसताने लगती है। दोस्तों यहाँ कुछ मज़ा नहीं आ रहा, चलो वापस जूही के पास चलते हैं, वहाँ शायद कुछ मज़ा मिले ।
रेहान बेड पर लेटा हुआ था, जूही बाथरूम में पेशाब करने गई हुई थी ।
रेहान- अरे मेरी जान अब आ भी जाओ, मुझे आगे की बात जाननी है, अब तो लौड़ा भी शान्त हो गया ।
जूही हँसती हुई बाहर आती है ।
जूही- लो आ गई खुश…!
रेहान- अरे साली रंडी, अब भी नंगी ही आई है कपड़े क्यों नहीं पहने…!
जूही- ओह आप क्या मेरे पीछे पड़ गए, खुद तो नंगे बैठे हो मुझे नसीहत दे रहे हो.. नहीं चुदना अब आपसे, मैं बहुत थक गई हूँ … बस चूत में दर्द है, इसलिए हवा लगा रही हूँ ।
रेहान- अच्छा अच्छा ठीक है आ जा मेरी रानी मेरा लौड़ा भी थक गया। अब मुश्किल ही खड़ा होगा। आ जा बता आगे क्या हुआ ?
जूही- ओके बाबा सुनो, उन लोगों के जाने के बाद सब की सब रिलेक्स हो गईं, पर मुझे उन पर शक हुआ, क्योंकि वो कारटून एकदम साफ-साफ दिखाई दे रहा था,
जिसमें वाइन और बियर थी, मगर उन दोनों ने कोई रिएक्ट नहीं किया। आशा ने तो बोतल निकाल कर पीना शुरू कर दिया, पर मुझे किसी बुराई का अंदेशा हो रहा था । मैंने बहुत न के बराबर पी, बाकी सब की सब टल्ली हो गई थीं और रूम में एक बड़ा डबल बेड था, उस पर लम्बलेट हो गईं । हम लोग हमेशा ऐसे ही करते हैं… एक साथ एक ही बेड पर सोते हैं एक-दूसरे में घुस कर मज़ा आता है ।
रेहान- सब सो गईं, तुम क्या कर रही थीं ?
जूही- मैं बस वही सोच रही थी कि उन लोगों ने इग्नोर क्यों किया होगा। मुझे नींद नहीं आ रही थी फिर भी जबरदस्ती मैं सो गई…! रात कोई 11 बजे कमरे के बाहर आहट हुई, तो मेरी आँख खुल गई। बाहर वो दोनों ही थे ।
रेहान- तुमको कैसे पता वो ही थे ।
जूही- ओह वो एक-दूसरे का नाम लेकर बात कर रहे थे ।
रेहान- तो ठीक से बता ना, क्या बात कर रहे थे ?
जूही- अब आप चुप रहो सवाल पे सवाल अब मई ठीक से सब बताती हूँ…!
जूही- बाहर उन दोनों की आवाज़ मैंने गौर से सुनी ।
अन्ना- अईयो नीलेश तुम पागल हो गया जी ऐसे चोरों के जैसा हमको हमारा ही घर में लाया तुम…!
नीलेश- अरे यार अन्ना तुमको मैंने कहा था ना.. ये आज फुल पार्टी करेगी देख कार्टून खाली पड़ा है, सब पीकर टल्ली हो गई हैं ।
अन्ना- हम जानता जी लेकिन हमारा बेटी टीना भी अन्दर होना जी…!
नीलेश- ओह मैं जानता हूँ अन्ना, हम तो बस उस लड़की के मज़े लेंगे… साली क्या पटाखा आइटम है ।
अन्ना- हमको डर होना जी… कहीं कुछ हो गया तो…!
नीलेश- अरे यार कुछ नहीं होगा, मैंने साली को चैक कर लिया था, वो खुद ऐसी ही है, बड़े आराम से चूचे दबवा रही थी ।
अन्ना- अईयो वो मेरी बेटी की फ्रेंड होना जी… अगर कुँवारी हुई तो पंगा हो जाएगा यार…!
नीलेश- अरे पक्का वो चुदी हुई होगी, साली बिगड़ी हुई लड़की है चुदे बिना नहीं रह पाती, अगर कुँवारी हुई भी तो, क्या हुआ नशे में धुत है सील टूटने का पता भी नहीं चलेगा। खून-वून आएगा तो हम साफ करके साली को वापस कपड़े पहना कर वापस रूम में सुला देंगे और चले जाएँगे, सुबह उठेगी तो चूत में दर्द होगा, मगर पता कैसे लगाएगी कि हमने चोदा है और मेरे ख्याल से तो उसको ऐसा लगेगा कि बस ऐसे ही कोई दर्द है, पक्का बोलता हूँ..!
अन्ना- अईयो तुमको कितना भूख होना जी… मेरे को अब भी डर लगता जी अन्दर सब सोए हैं, उसको पहचानोगे कैसे..? लाइट ऑन करेगा तो क्या पता कोई जाग जाएगा…!
नीलेश- तू मत आना अन्दर, मैं ले आऊँगा लाइट कौन पागल चालू करेगा..! मेरे को पता है साली को आराम से ले आऊँगा सब से अलग जैकेट पहना है उसने और अगर नंगी भी सोई होगी तो भी उसके चूचे पकड़ कर देख लूँगा। अच्छे से मैंने नाप लिया था साली का ।
अन्ना- ओके जी हम को थोड़ा डर होना, तुम जाओ हम दूसरे रूम में शराब पीता, वहीं ले आना उसको…!
रेहान- ओह माय गॉड साला अन्ना इतना कमीना निकला, उसकी बेटी अन्दर है और वो उस कुत्ते को अन्दर भेज रहा है, जो कहता है कि मम्मे दबा कर पता कर लेगा कि तुम कहाँ सोई हो..! ऐसे तो वो सबके मम्मे दबा कर मज़ा ले सकता है ।
जूही- हाँ रेहान जी वो ही तो आप आगे तो सुनिए, उस कुत्ते की करतूत…!
रेहान- अच्छा बता, मेरा तो दिमाग़ घूम रहा है तू बच कैसे गई उनसे क्योंकि ये तो 100% मैं जानता हूँ तेरी चूत की सील मैंने तोड़ी है, अब बता उस दिन क्या हुआ? कैसे बची ?
जूही- आप सुनो तो सही..!
रेहान- अच्छा ठीक है, बता..बता मैं कुछ भी नहीं बोलूँगा ।
जूही- उनकी बातें सुनकर मेरा तो सर चकरा गया, मैंने जल्दी से अपना जैकेट निकाल और बेड पर गिरा दिया और खुद बेड के लास्ट में जाकर सो गई ताकि वो आए भी तो मेरा नम्बर लास्ट में आए शायद किसी तरह बच जाऊँ ।
रेहान- गुड… आगे…!
जूही- हाँ बता रही हूँ… डोर खुला तो नीलेश धीरे से अन्दर आया, रूम में अंधेरा था मगर डोर खुलने से बाहर की हल्की रौशनी अन्दर आ रही थी। सारी लड़कियाँ आराम से सो रही थीं। नीलेश धीरे से बेड के पास आया, उसकी निगाह जैकेट वाली लड़की को ढूँढ़ रही थी, तभी उसकी नज़र जैकेट पे गई और उसने धीरे से बोला ।
नीलेश- बेबी ने जैकेट निकाल कर साइड में रखा है, गर्मी लग रही होगी। आज तेरी सारी गर्मी निकाल दूँगा मैं ।
नीलेश धीरे से बेड पर थोड़ा ऊपर आया और जैकेट हटा कर किसी एक के मम्मे दबा कर देखा ।
नीलेश- वाह क्या निशाना है मेरा, बराबर तेरे मम्मों पर ही हाथ आया, क्या मस्त बड़े-बड़े मम्मे हैं तेरे… और क्या कड़क भी हैं ।
रेहान- उसके बाद क्या हुआ, किसके मम्मे दबाए उसने..!
जूही- आप भी ना बहुत उतावले हो, सुनो अब..!
रेहान- ओके बाबा सॉरी रहा नहीं जा रहा यार…!
जूही- उसने किसके मम्मे दबाए, ये तो मुझे भी पता नहीं चला, अंधेरा था ना वहाँ पर… उस कुत्ते ने एक लड़की को गोद में उठाया और आराम से बाहर ले गया। मेरी तो जान में जान आई कि मैं तो बच गई, पर पता नहीं वो किसको ले गया ।
नीलेश के जाने के बाद मेरे मन में ये ख्याल आया कि मैं तो बच गई, मगर पता नहीं, वो किस को ले गया। अब उसको कैसे बचाऊँ? मेरे दिमाग़ में एक आइडिया आया। मैंने जल्दी से रूम के नाइट लैंप का तार निकाला दाँत से काटकर उसका प्लग कट करके दोनों तार एक साथ सॉकेट में डाल कर स्विच ऑन कर दिया । पूरे फार्म की लाइट ट्रिप हो गई ।
रेहान- ओह माय गॉड… इतना रिस्क लिया तुमने और तुमको कैसे पता ये करने से लाइट ट्रिप हो जाएगी?
जूही- बस क्या रेहान जी मेरे को ऐसा-वैसा समझा है क्या? मेरी उमर कम है, पर दिमाग़ बहुत तेज़ चलता है, मेरा ये सब मुझे पता था मेरी फ्रेंड के पापा इलेक्ट्रिक का काम करते हैं तो उनकी बेटी को शौक है लाइट का काम सीखने का… बस उसी से मैंने सीखा…!!
रेहान- साली दिखती कितनी मासूम सी हो और कारनामे बड़े-बड़े किए हैं तूने और मैं जानता हूँ दिमाग़ तो तेरे पास बहुत है, तभी तो साहिल को चूत दिखा कर अपने वश में कर लिया। वो सिम्मी की मौत को भूल कर तुम्हारे साथ हो लिया और मुझे भी अपनी बातों के जाल में फँसा लिया तूने….!
जूही- नहीं रेहान जी ये कोई जाल-वाल नहीं था हाँ मैं बस आरोही को बचाना चाहती थी और मेरी कही एक-एक बात सही थी। रियली मेरा कोई कसूर नहीं था। बेगुनाह होते हुए भी मैं सब से चुदी, तो बस अपनी बहन को बचाने के लिए। वो ज़िद्दी है घमण्डी है, पर दिल की बहुत साफ है ।
रेहान- जानता हूँ इसी लिए तो मैंने उसको माफ़ कर दिया, उसकी जगह तुम होती तो कभी मेरे जाल में नहीं फँसती, वो भोली है इसी लिए जल्दी झाँसे में आ गई। अब उसकी बात कुंए में डाल तू। आगे क्या हुआ वो बता ना यार…!
जूही- हाँ बताती हूँ लाइट जाने के बाद मैं जल्दी से उठी और डोर को धीरे से खोला, नीलेश वहाँ से जा चुका था। मैं धीरे-धीरे अंधेरे में रूम से बाहर निकली तो अन्ना की आवाज़ सुनाई दी। वो शायद नशे में था। उसके बोलने के तरीके से अंदाज लगाया मैंने। वो कुछ ऐसे बोल रहा था ।
अन्ना- अईयो ये लाइट को क्या हुआ जी साला पूरा नशा खराब हो गया…!
नीलेश- अरे अन्ना धीरे बोलो बुलबुल को मैं ले आया हूँ मेरी गोद में है। लाइट का क्या आचार डालोगे? मोबाइल है ना अब चुप रहो… नशे में है ये, लगता है बहुत ज़्यादा पी है साली को होश भी नहीं है…!
अन्ना- अच्छा तुम बराबर देख कर लाया ना हिच…हिच साला मेरा बेटी भी हिच… अन्दर होना…!
नीलेश- हाँ अन्ना अच्छे से चैक करके लाया हूँ जैकेट भी देखा और मम्मे भी दबा कर देखे, अब बस साली की चूत देखना बाकी है, बस दो मिनट रुको, अभी साली को नंगी करता हूँ…!
जूही- उन कुत्तों के आगे मैं बेबस हो रही थी, एक तो अंधेरा इतना था और दूसरा वो किस को लाए, ये भी पता नहीं था मेरे को, अब अपनी दोस्त को बचाऊँ तो कैसे… अगर मैं कुछ बोलती तो मेरी इज़्ज़त को खतरा था। दोनों नशे में थे, क्या पता क्या करते मेरे साथ..!
तो मैं बस चुप रही और उस रूम के डोर को हल्का सा खोल कर अन्दर देखने लगी। बड़ी मुश्किल से मैंने अंधेरे में नजरें जमाईं । अन्ना कुर्सी पर बैठा अब भी पी रहा था और नीलेश ने अपने सारे कपड़े निकाल दिए थे और अब मेरी फ्रेंड को नंगा कर रहा था, इतना साफ तो नहीं मगर दिख सब रहा था मुझे, लेकिन वो कुत्ता लाया किसको था, ये मुझे समझ नहीं आ रहा था ।
अब नीलेश ने उसके पूरे कपड़े निकाल दिए थे और अपने हाथों से उसके मम्मों और चूत का मुआयना कर रहा था। मेरे दिमाग़ में एक आइडिया आया, मैंने अपने मोबाइल में रेकॉर्डिंग चालू कर दी। मैंने फ्लश ऑफ कर लिया था, ताकि उनको मेरे वहाँ होने का पता ना चले..! कुछ धुंधला सा रेकॉर्ड होने लगा, पर हाँ उनकी आवाज़ बराबर रिकॉर्ड हो रही थी ।
नीलेश- उफ्फ साली क्या मक्खन जैसा बदन है अन्ना आ जाओ, देखो क्या मस्त माल है?
अन्ना- साला कुत्ता है तू, मेरे ही घर में मेरी ही बेटी की दोस्त के साथ गंदा कर रहा है। मुझे तो अब भी अच्छा नहीं लग रहा। कहीं कुछ हो गया तो, मैं अपनी बेटी के सामने कैसे जाऊँगा जी ।
नीलेश- जाने दे तू मत आ मैं ही मज़ा ले लेता हूँ…!
अन्ना- अबे रुक साले, शराब पीकर मेरे लौड़े में तनाव आ गया जी.. अब जो होगा देखा जाएगा… हम आता…!
अन्ना भी उठकर बेड पर आ गया। अब दोनों उसके मम्मों और चूत से खेल रहे थे। अन्ना मम्मों को चूस रहा था और नीलेश चूत को चाट रहा था ।
इस दोहरे हमले से मेरी फ्रेंड को थोड़ा होश आया तो उसको अहसास हुआ कि ये क्या हो रहा है.. और वो ज़ोर से चीखी, “नहीं… आआ छोड़ दो… कौन हो… तुम उूउउ…. जूही बचाओ… आशा मुझे बचाओ आआ…!”
नीलेश- अरे बन्द कर साली का मुँह जल्दी से…!
उस आवाज़ को सुनकर अन्ना के होश उड़ गए वो टीना थी, अन्ना की बेटी और मुझे भी कुछ समझ नहीं आया कि ये क्या हो गया? अन्ना अपनी ही बेटी के साथ छिछी… सोच कर ही घिन आ गई…!
अन्ना को जब समझ आ गया तो जल्दी से उठकर नीलेश के कान में कहा, “चुपचाप बाहर की तरफ भागो… अपने कपड़े साथ लेकर ये मेरी बेटी टीना है…!”
एक मिनट के अन्दर दोनों दरवाजे की तरफ लपके, मैं एक कोने में खड़ी हो गई। जब वो भागे उनकी नज़र मेरे पर गई, नीलेश कपड़े हाथ में लिए आगे था और अन्ना पीछे मुझे देख कर उसने मुँह छुपाने की कोशिश की, पर मुझे तो सब पता था ।
रेहान- गॉड… अन्ना अपनी बेटी के मम्मों को चूस रहा था..! कैसा फील हुआ होगा उसको… जब उसको पता चला…!
जूही- उस कुत्ते के साथ सही हुआ ना.. जाने कितनी लड़कियों के साथ उसने गंदा किया होगा…!
रेहान- अच्छा उनके जाने के बाद क्या हुआ ?
जूही- उनके जाने के बाद भी टीना चिल्ला रही थी। मैं जल्दी से अन्दर गई उसको संभाला, वो बहुत डरी हुई थी, मैं नहीं चाहती थी कि उसको पता चले कि उसका बाप ही वो वहशी था ।
मैंने कहा- तेरे पापा को फ़ोन कर देती हूँ कि यहाँ ऐसा हो गया..!
टीना- नहीं नहीं तुम पागल हो क्या.. हमारा घूमना-फिरना सब बन्द हो जाएगा, तुम ऐसा कुछ मत करो और किसी को भी बताना मत जो हुआ…!
मैंने उसको कहा- अपने कपड़े पहन लो मैं लाइट ऑन करके आती हूँ, वो कपड़े पहनने लगी और मैंने मेन लाइन ऑन कर दी और हम जाकर सो गए ।
रेहान- लेकिन अन्ना को कैसे पता चला तुमने वीडियो बनाई है ?
जूही- आप सुनो तो, उस रात के दो दिन बाद टीना के घर में मेरा सामना अन्ना से हो गया। उस समय मैंने बहुत सेक्सी ड्रेस पहना था, उसकी आँखों की चमक देख कर मेरा मूड खराब हो गया। मैंने उसको सुना दिया और बता भी दिया कि मुझे सब पता है। सब सुनकर उसके तो होश उड़ गए। उस दिन के बाद कई बार उसने मेरे पर हमला करवाया, ताकि मैं डर कर वो वीडियो उसको दे दूँ ।
रेहान- लेकिन अन्ना मान कैसे गया कि तुमने वीडियो बनाई होगी ।
जूही- मैंने उसको हर वो बात बताई जो उन दोनों के बीच हुई थी, तब उसको मानना पड़ा और बस मेरे पीछे पड़ गया। तब मैंने राजू को झूठमूट का गुंडा बनाकर अन्ना को फ़ोन पर धमकी दिलाई कि वीडियो मेरे पास है, अगर जूही को टच भी किया ना, तो गर्दन काट दूँगा। बस अन्ना आ गया लाइन पर…!
रेहान- यार मान गया तेरे दिमाग़ को, साली तू रंडी ही नहीं माइंडेड भी है। तूने साहिल को भी अपने जाल में फँसा लिया। वैसे अच्छा ही किया तूने। मुझे दो खूबसूरत हसीनाओं को मारना पड़ता। अब मैं तुम दोनों बहनों को नहीं मारूँगा, बल्कि तुम्हारी मारूँगा हा हा हा हा…!
जूही- हा हा हा सही कहा आपने, अब आप प्लीज़ वो पेपर अन्ना से ले लो और उसको समझा दो, मेरे से दूर रहे, वरना टीना को सब बता दूँगी ।
रेहान- अच्छा अच्छा ठीक है, चल कपड़े पहन तेरे को घर छोड़ कर आता हूँ… चुदाई बहुत हो गई, अब थोड़ा काम करने दो…!
जूही और रेहान रेडी होकर निकल जाते हैं। जूही को घर छोड़ कर रेहान अन्ना के पास उससे पेपर लेने के लिए जाता है और अन्ना को सब बता देता है कि उसने उनको कैसे माफ़ कर दिया ।
अन्ना- अच्छा किया जी ऐसे बदला लेना ठीक नहीं… उनको सज़ा तो मिल ही गई, लो जी हम पहले ही रेडी रखा सब… !
रेहान- थैंक्स, मैं इसे उन लोगों के सामने सब जला दूँगा। अच्छा अन्ना एक बात तो बताओ, जूही और तुम्हारा क्या है? तुमने कुछ बताया नहीं ?
अन्ना- अईयो रेहान हमको शर्मिंदा मत करो जी हम अच्छे से जानता, तुम सब पता लगा कर आया जी…!
रेहान- सॉरी अन्ना, मेरा इरादा तुमको दर्द देने का नहीं था, मगर वो नीलेश कौन था? तुम जैसा समझदार आदमी ऐसी ग़लती कर बैठा ।
अन्ना- अईयो अब क्या बोलेगा जी, बस हो गई ग़लती लेकिन उस कुत्ते को हम सबक़ सिखा दिया जी, जो पापा हम किया उसकी सज़ा उस कुत्ते को देदी जी ।
रेहान- क्या मतलब उसका क्या किया ?
अन्ना- भगा दिया साला हरामी, उसकी वजह से हम अपनी बेटी को अब देख भी नहीं सकता जी इसी लिए पूरा फैमिली को गाँव भेज दिया जी। हमको बहुत बुरा लगना जी। बस उस लड़की से वो वीडियो लेलो जी। हमारा एक ही बेटी, अगर उसको ये पता चला तो हम मर जाएगा जी…!
रेहान- मैं वादा करता हूँ, ऐसा कुछ नहीं होगा मैं जूही से वो वीडियो ले लूँगा। बस मेरा आख़िरी काम कर दो। कोई दो भाड़े से काले आदमी दे दो, जिनका लौड़ा पावरफुल हो। उन दो लड़कों की गाण्ड मारनी है। सालों को जान से नहीं मार सकता, कम से कम सज़ा तो देनी ही होगी न… ताकि जिंदगी में याद रखें ।
अन्ना अपने दो काले-कलूटे आदमी रेहान के साथ भेज देता है। अन्ना को समझा कर रेहान दोनों आदमियों को लेकर वहाँ से चला जाता है। जब रेहान फार्म पर पहुँचता है, तब साहिल और सचिन वहीं बाहर मिल जाते हैं ।
साहिल- अरे यार कहाँ चला गया था? जूही कहाँ है और ये दोनों कौन हैं ?
रेहान- सब बताता हूँ अन्दर तो चलो यारों ।
सब के सब बेसमेंट में जाते हैं ।
संजू- भाई प्लीज़ हमें जाने दो प्लीज़ ।
रेहान- जाने दूँगा पहले दोनों नंगे हो जाओ ।
दोनों ‘ना-नुकुर’ करते हैं, तो रेहान उनको धमकाता है और दोनों नंगे हो जाते हैं ।
सचिन- यार तुम कर क्या रहे हो बताओ तो…?
रेहान- तू कैमरा ला, सब समझ आ जाएगा ।
सचिन के जाने के बाद रेहान उन दो हैवानों को इशारा करता है। दोनों नंगे हो जाते हैं, उनके काले नाग जैसे लौड़े देख कर संजू की हालत खराब हो जाती है। बहुत बड़े और मोटे जो थे ।
अंकित- भाई ये क्या हो रहा है ?
रेहान- सालों तुमने बहुत मज़े लिए ना.. अब ये दोनों तुम्हारी गाण्ड मारेंगे और हम देख कर मज़ा लेंगे ।
दोनों की हालत खराब हो जाती है। रोने लगते हैं पर उनके सामने कहाँ उनकी चलती। सचिन कैमरा ले आता है और अब उसको अपने सवाल का जबाव मिल गया था ।
सचिन- बहुत खूब भाई… ये आइडिया अच्छा है सालों की गाण्ड मारने के लिए आदमी तो तगड़े लाए हो आप…!
वो दोनों आदमी उनको डरा-धमका कर उनकी गाण्ड मारने लगते है। एक घंटा तक दोनों की गाण्ड बदल-बदल कर मारते हैं और उनका दर्द के मारे बुरा हाल हो जाता है। सचिन पूरा वीडियो बना लेता है, जब वो थक कर चूर हो गए, तब रेहान ने उन दो आदमियों को बापस भेज दिया और उन दोनों को भी धमकी देकर भगा दिया कि अब अगर कभी भी किसी की मजबूरी का फायदा उठाया तो ये वीडियो आम हो जाएगा। सब तुम्हारे इस कार्यक्रम को देख कर हँसेंगे ।
वो दोनों भी हाथ जोड़कर माफी माँगते हुए वहाँ से भाग जाते हैं ।
दोस्तों अब सब ठीक हो गया था। ये सब फ्रेंड बन गए थे और दोनों बहनों की रोज चुदाई करते थे। अब तो राहुल घर पर भी दोनों बहनों को नंगी करके उन दोनों के साथ ही सोता और चोद कर मज़े भी लेता। अब ये तो आप खुद समझदार हो कि राहुल चोदता है या वो दोनों राहुल को और हाँ साहिल और सचिन भी इनके घर आने-जाने लगे हैं ।
अब तो बस सब को चुदाई का मज़ा मिलता है। राहुल के दिल में था कि अन्ना की बेटी या सचिन की बहन को चोदे, पर सचिन तो अनाथ निकला, उसके आगे पीछे कोई है ही नहीं और टीना आपने गाँव में है, तो उसको चोदना भी मुमकिन नहीं। आप सोच रहे होंगे, उसको टीना का कैसे पता चला, तो यारों जूही ने बताया और कैसे पता होगा ।
अब तो कभी-कभी इनमें ग्रुप-सेक्स भी होता है। जूही का स्टेमिना आरोही से ज़्यादा है। वो आजकल तो चारों को एक साथ ठंडा करने लगी है ।आइए उस दिन के एक महीने बाद क्या हुआ आपको बताती हूँ? रेहान और राहुल नंगे अपने लौड़े जूही के मुँह में डाल रहे थे, तभी साहिल और सचिन भी आ जाते हैं ।
साहिल- अरे वह भाई आपने तो प्रोग्राम शुरू भी कर दिया। रूको हम भी कपड़े निकाल कर आते हैं। आज साली आरोही की चूत तो चोदने लायक नहीं है ।
खून फेंक रही है रंडी…!
सचिन- अरे यार ये तो हर महीने का रोना है कभी जूही तो कभी आरोही साली दोनों का कभी एक साथ हो गया ना.. तो मज़ा खराब हो जाएगा….!
वो दोनों भी नंगे होकर जूही को लौड़ा चूसने लगते है ।
रेहान- आआ आह चूस रानी आ..हह.. मज़ा आ रहा है उफ़फ्फ़ आ…!
राहुल- उफ्फ साली मेरी बहन होकर मेरे लौड़े को कम चूस रही है..! आ..हह.. साली पक्की रंडी है तू, आ आ..हह.. हाँ बस ऐसे ही चूस आ..हह.. अरे क्या हुआ..!
बस इतना ही..! शिट साली… साहिल का ले लिया मुँह में उफ्फ मज़ा आ रहा था…!
सचिन से बर्दाश्त नहीं हुआ, तो वो नीचे लेट गया और लौड़ा चूत में डाल दिया। अब जूही उकडूँ बैठी चुद भी रही थी और लौड़े चूस भी रही थी ।
जूही- आह आआआ..हह.. आईईइ फक मी ह ह ह छोड़ो आह सब चोदो आह मेरी चूत और गाण्ड का भुर्ता बना दो अहह आआआअ…!
समाप्त अब इस कहानी में कोई राज बाकी नहीं रहा कोई गिला शिकवा नहीं रहा, तो अब आप सब दोस्तों से इजाजत चाहूँगी। उम्मीद है इसका अंत आपको पसन्द आया होगा और मुझसे लिखने में कोई ग़लती हुई हो तो उन सब के लिए माफी चाहती हूँ। दोस्तों सेक्स करने में कोई बुराई नहीं है, पर रिश्तों को गंदा करना ठीक नहीं होता। किसी के साथ ज़बरदस्ती करने वाले का अंजाम आपने देख ही लिया होगा, तो आप बस सेफ सेक्स करो, ना की ऐसे किसी चक्कर में पड़ो, ओके दोस्तों जल्द मुलाकात होगी, एक नई कहानी के साथ बाय..!




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